क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

2019 के लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है | कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में रोजगार और किसान से से जुड़े कई लोकलुभावन वादे किये हैं तो कुछ वादे ऐसे भी किये हैं जो देश में सेना की स्थिति को कमज़ोर बनाने देशद्रोह का कानून समाप्त करने और जम्मू कश्मीर की 370 को न छेड़ने के भी वादे किये हैं | घोषणापत्र जारी होने के बाद से ही प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस पर निशाने साधने शुरू कर दिए हैं | बुधवार को एक चुनावी सभा में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को ढकोसला पत्र करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को गाली देने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए भी एक योजना बनाई है | जो तिरंगे को जलाते हैं, भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाते हैं, जो हमारी विरासत का अपमान करते हैं | ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह के कानून को खत्म करने का वादा कांग्रेस ने किया है | वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि JNU में भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाने वालों के पास जाकर राहुल गांधी उनको वाणी की स्वतंत्रता का अधिकार बताते हैं | वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आज का नेतृत्व जिहादियों और माओवादियों के चंगुल में है | वो घोषणा पत्र में कह रहे हैं कि आईपीसी से सेक्शन 124-A हटा दिया जाएगा, देशद्रोह करना अब अपराध नहीं होगा | जो पार्टी ऐसी घोषणा करती है, वो एक भी वोट की हकदार नहीं है |

कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर राजनीति गरमाई हुई है | इलेक्शन फैक्ट्स की टीम ने भी यह जानने की कोशिश की कि आखिर कांग्रेस के घोषणा पत्र में ऐसे कौन से वादे किये गये हैं जिनसे कांग्रेस की छवि देश विरोधियों का समर्थन करने वाली बन रही है |

कांग्रेस देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी है और एक राष्ट्रीय पार्टी सिर्फ वो नहीं होती जिसकी मौजूदगी पूरे राष्ट्र में हो बल्कि राष्ट्रीय पार्टी वो होती है जो पूरे राष्ट्र के बारे में सोचती भी हो, राष्ट्र के हितों की चिंता करती हो | कोई भी पार्टी वोट के लिए राष्ट्र के हितों को नज़रंदाज़ नहीं कर सकती | लेकिन कांग्रेस के घोषणापत्र में राष्ट्र के हितों को नज़रंदाज़ किया गया है |

सत्ता में आये तो देशद्रोह की धारा 124A को समाप्त कर देंगे : कांग्रेस घोषणापत्र

कांग्रेस के घोषणा पत्र का अध्ययन करने पर हमने पाया कि इस घोषणापत्र में 54 पेज हैं जिसके फ्रंट पेज पर लिखा है हम निभायेंगे | इसके शुरुआत में राहुल गाँधी का सन्देश लिखा गया है जिसमे लिखा है अध्यक्ष की कलम से… उसमें उन्होंने कहा है कि ये किसी व्यक्ति के मन की बात नहीं है बल्कि ये करोड़ों देशवासियों की सामूहिक आवाज़ है | उसमे लिखा है, ये हमारी प्रतिबद्धता है, कांग्रेस जो वायदा करती है उसे निभाती है | इस घोषणापत्र के पेज संख्या 35 पर लिखा है कि भारतीय दंड संहित की धारा 124 A जो देशद्रोह के अपराध को परिभाषित करती है उसका दुरूपयोग हुआ है और बाद में नए कानून बन जाने से उसका महत्त्व समाप्त कर दिया गया है इसलिए इस कानून को समाप्त कर दिया जायेगा | यानी अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो देशद्रोह की धारा 124A को समाप्त कर दिया जायेगा | अर्थात भारत के खिलाफ काम करने वालों पर जिन धाराओं के तहत कार्यवाही होती है वह नहीं होगी और उन्हें इसकी खुली छूट दे दी जाएगी, जिससे कांग्रेस पार्टी देशद्रोह को और आसान बना देगी | आपको बता दें कि, 2016 में दिल्ली के JNU में टुकड़े गैंग ने देशविरोधी नारेबाजी की थी और भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाये थे जिसके बाद राहुल गाँधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने वहां का दौरा किया था | दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह की धारा 124 A के तहत ही नारेबाजी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की थी | उन पर यही धारा लगायी गई थी और राहुल गाँधी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि वो देशद्रोह की इस धारा को ही ख़त्म कर देंगे | इस वादे से यह सवाल पैदा होता है कि क्या राहुल गाँधी देशद्रोही नारेबाजी करने वाले लोगों को बचाना चाहते हैं? अगर देशद्रोह को भी कानूनी रूप से जायज़ बना दिया जायेगा तो भारत के उस संविधान का क्या होगा जो भारत की एकता और अखंडता को प्राथमिकता देता है | कांग्रेस के घोषणापत्र को अगर आधार माने तो उनके अनुसार JNU में जो हुआ वो अभिव्यक्ति की आज़ादी थी देशद्रोह नहीं था | यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो यह कानून समाप्त हो जायेगा |

धारा 370 को बिलकुल नहीं हटने देंगे : कांग्रेस घोषणापत्र

कांग्रेस घोषणापत्र के पेज संख्या 41 पर जम्मू कश्मीर के सन्दर्भ में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी इस बात को दोहराती है कि पूरा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है | हम राज्य के अनुपम इतिहास और उन अद्वितीय परिस्थितियों का भी सम्मान करते हैं जिनके तहत राज्य ने भारत में विलय को स्वीकार किया और जिसकी वजह से भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल किया गया | इस संवैधानिक स्थिति को बदलने की न तो अनुमति दी जाएगी और न ही ऐसा कोई प्रयास किया जायेगा | अर्थात धारा 370 ऐसे ही रहेगा | इस वादे के बाद कांग्रेस ने अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है कि अगर वो सत्ता में आती है तो वो अलगाववादी मानसिकता का समर्थन करने वाली धारा 370 को समाप्त नहीं करेगी |

AFSPA की समीक्षा की जाएगी : कांग्रेस घोषणापत्र

कांग्रेस पार्टी ने जम्मू कश्मीर में लागु किये गये आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट की समीक्षा करने का भी वादा किया है | घोषणापत्र के पेज संख्या 41 पर लिखा है कि जम्मू कश्मीर में इस कानून की समीक्षा की जाएगी | सुरक्षा की जरूरतों और मानव अधिकारों के संरक्षण में संतुलन के लिए कानूनी प्रावधानों में उपयुक्त बदलाव किये जायेंगे | कांग्रेस का ये चुनावी वादा भारतीय सेना के अधिकारों को कमज़ोर बनाता है | प्रधानमन्त्री ने भी अपने भाषण में इस बात को दोहराया है | जिन क्षेत्रों में अशांति का माहौल होता है, हालात ठीक नहीं होते हैं और भारत की एकता और अखंडता पर खतरा पैदा हो जाता है वहां AFSPA कानून लागु किया जाता है | पहले ये प्रावधान था कि सुरक्षाबलों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती थी लेकिन 2016 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस प्रावधान को ख़त्म कर दिया गया | इसके बाद हमारे जवानों पर सैकड़ों की संख्या में मामले दर्ज किये गये | इनमें बहुत बार जवानों को मजबूरी में कार्यवाही करनी पड़ती है, अपनी या अन्य नागरिकों की जान बचाने के लिए कार्यवाही करनी पड़ती है लेकिन जब भी इस तरह की कोई कार्यवाही होती है तो हमारे ही जवानों पर मामले दर्ज कर लिए जाते हैं | लेकिन इनमें से ज्यादातर मामले जांच के बाद फर्जी पाए गये | कांग्रेस पार्टी ने AFSPA कानून को हटाने या इसकी समीक्षा की बात करके सुरक्षा को सेना के लिए और भी बड़ी चुनौती बना देने का वादा किया है |

मीडिया को नियंत्रित करेंगे : कांग्रेस घोषणापत्र

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है | कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में मीडिया पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है | यह देश में पहली बार है कि किसी पार्टी के घोषणापत्र में मीडिया को नियंत्रित करने के लिए भी कहा गया है | कांग्रेस के घोषणापत्र के पेज संख्या 37 पर लिखा है कि हम प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर अख़बारों और मीडिया संघों के लिए के आदर्श आचार संहिता विकसित करेंगे | अर्थात अब न्यूज़ चैनल और अखबारों को क्या लिखना है, क्या दिखाना है क्या नहीं दिखाना है यह तय करने से पहले सरकार द्वारा जारी आचार संहिता को पढ़कर इसका पालन करना पड़ेगा | स्वतंत्र पत्रकारिता को आचार संहिता की बेड़ियों में बाँध दिया जायेगा | यह वादा भी उस पार्टी ने किया है जो वाणी की स्वतंत्रता की बाते करती नहीं थकती | जो पार्टी देशविरोधी नारेबाजी करने वालों की वकालत करते हुए कहती है कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी है वो आज अपने घोषणापत्र में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया को आचार संहिता की बेड़ियों में बांधना चाहती है |

कांग्रेस के इस घोषणापत्र के बाद राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पर कुछ सवाल उठाना लाज़मी हैं |
1. क्या अपने वादों से कांग्रेस पार्टी देश की सुरक्षा को नज़रंदाज़ करना चाहती है?
2. क्या अपने वादों से कांग्रेस सेना को धोखा और देशद्रोहियों को मौका देना चाहती है?
3. क्या चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस पार्टी देश को हराना चाहती है?
4. क्या कांग्रेस पार्टी पकिस्तान की भाषा बोल रही है?

ये सवाल आज देश की जनता के मन में हैं और उन्हें कांग्रेस पार्टी से राष्ट्रीय सुरक्षा और देशद्रोहियों पर अपना द्रष्टिकोण साफ़ करने के लिए सवाल पूछने चाहिए |

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